Monday 17 December 2018

जीवन को सार्थक बनाने के लिए स्वामी विवेकानंद के महत्वपूर्ण विचार ।

(12 जनवरी 1863 से 4 जुलाई 1902)
rpmwu171
16.12.2018

स्वामी विवेकानंद विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु थे। उनका जीवन काल केवल 39 वर्ष रहा परन्तु उन्होंने मानवता को जबरदस्त सकारात्मक दिशा दी। 1893 में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म महासभा हुई थी, जिसमें स्वामी विवेकानंद जी ने भाषण दिया। इस भाषण के बाद उन्हें काफी ख्याति मिली थी। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस मिशन की शुरुआत की थी। स्वामी विवेकानंद के कुछ ऐसे विचार, जिनका ध्यान रखने पर आप सफलता हासिल कर सकते हैं.....

1. जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक उसी समय पर उसे करना ही चाहिए, नहीं तो लोगों का आप पर विश्वास उठ जाता है।

2. हम वो हैं, जो हमें हमारी सोच ने बनाया है। इसलिए इस बात का धयान रखें कि आप क्या सोचते हैं। जैसा आप सोचते हैं वैसे बन जाते हैं।

3. जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते, तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते।

4. सत्य को हजार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा।

5. जिस दिन आपके सामने कोई समस्या न आए, आप यकीन कर सकते हैं कि आप गलत रास्ते पर चल रहे हैं।

6. हम जितना ज्यादा बाहर जाए और दूसरों का भला करें, हमारा हृदय उतना ही शुद्ध होगा और परमात्मा उसमें वास करेंगे।

7. भला हम भगवान को खोजने कहां जा सकते हैं, अगर उसे अपने हृदय और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते।

8. आपको अंदर से बाहर की ओर विकसित होना है। कोई तुम्हें पढ़ा नहीं सकता, कोई तुम्हें आध्यात्मिक नहीं बना सकता. तुम्हारी आत्मा के आलावा कोई और गुरु नहीं है

9. पहले हर अच्छी बात का मजाक बनता है, फिर उसका विरोध होता है और फिर उसे स्वीकार कर लिया जाता है।

10. किसी भी चीज से मत डरो। तुम अद्भुत काम करोगे। यह निर्भयता ही है जो पलभर में परम आनंद लाती है।

सादर 
रघुवीर प्रसाद मीना 

1 comment:

  1. सर, आपका विषय चयन बहुत ही उच्चतम कोटि का है lआपने आज स्वामी विवेकानंद की शिक्षा जो कि सभी के लिए प्रेरणादायक है और खासकर युवाओं के लिए जो उस देश के निर्माण कर्ता होते हैं, के उद्देश्य से इनकी जीवनी और विचार जोश से भरे और जीवन सारगर्भित हैं l हमें ऐेसे महापुरुष के अच्छे विचारों का अंगीकार करना चाहिए l

    लखन लाल मीना
    गाँव Maharajpura जिला bharatpur

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Thank you for reading and commenting.