All the able persons in the world need to make lives of the poor and downtrodden better with human dignity by innovative thinking, planning and execution.शारीरिक रूप से मजबूत को कमजोर की, अधिक बुद्धिमान को कम बुद्धिमान की और धनवान को गरीब की मदद करना ही मानवता है।
Sunday, 22 August 2021
रक्षाबंधन व हमारे कर्तव्य।
Friday, 20 August 2021
महिलाओं पर अत्याचार रोकने के लिए सभी को सकारात्मक पहल करने की जरूरत है।
#rightsofwomen
#Software की जीवन में अति महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। तालिबान के लोगों की हार्डवेयर (शारीरिक बनावट) सामान्यतः जोरदार रहती है। परन्तु उनके दिमाग की सोफ्टवेयर, धार्मिक अंधविश्वास के प्रदूषण #DAP के कारण वायरसों से भयंकर रूप से ग्रसित है। #DAP व बचपन के परवरिश के माहौल की वजह से हर धर्म में बहुत सारे लोगों के मष्तिष्क की सोफ्टवेयर अलग तरह की विकसित हो जाती है। उस धर्म विशेष के लोगों की ही ज्यादा जिम्मेदारी बनती है कि वे देखें कि उनकी जनरेशनस् किस दिशा में जा रही है? कब तक पुरानी रुढ़िवादी रीति रिवाजों को ढ़ोते रहना है? समयानुसार बदलाव करना जरूरी है, नहीं तो चीजें जड़ हो जायेगी।
अनेकों देशों में पहले महिलाओं को वोट देने एवं पढ़ने का अधिकार नहीं होता था, जिसे समय के अनुसार बदल दिया गया और महिलाओं को वोट देने और पढ़ने का बराबर का अधिकार प्रदान कर दिया है। इसी प्रकार महिलाओं के श्रम का वेतन पुरुषों की तुलना में कम होता था, सरकारें इस ओर भी लगातार प्रयासरत है कि महिलाओं को बराबर वेतन मिले। सरकार में बराबर भागीदारी के बारे में भी विचार किया जा रहा है।
हिन्दू धर्म में महिलाओं के लिए पूर्व में सती प्रथा, विधवाओं के केश मुंडन, विधवाओं द्वारा पुन:विवाह नहीं करना, महिलाओं को पढ़ने नहीं देना, कम उम्र में माँ बनना, देवदासी बनना जैसी विकृतियां थी, जिन्हें समय के साथ बदल दिया गया और रीति रिवाजों को सही कर लिया गया है।
संसार में हर व्यक्ति की माँ महिला ही होती है। वह महिला के गर्भ से ही जन्म लेता है। उसकी बहने, उसकी पत्नी व उसकी बेटियां भी महिलाएं होती है। फिर भी यदि #DAP के कारण महिलाओं के साथ अत्याचार करें तो यह कैसी अमानवीय सोच है? यदि ऐसा धार्मिक मान्यताओं या रूढ़िवादी रीति-रिवाजों की वजह से हो रहा है तो उन मान्यताओं व रीति-रिवाजों को बदल देने की आवश्यकता है। आखिरकार कब तक पुराने ढ़र्रे पर चलकर पुरूष उसके स्वार्थ हेतु महिलाओं के साथ अत्याचार करता रहेगा?
आवश्यकता है कि जिस भी धर्म या समुदाय में महिलाओं के अधिकारों का हनन हो रहा है उसके प्रबुद्धजनों को आगे आकर समाज में लोगों की विचारधारा को बदलने हेतु ठोस व बोल्ड पहल करनी होगी।
दूसरे सभी समझदार पुरूषों व महिलाओं और मीडिया तथा सरकारों एवं संगठनों/संस्थाओं को भी इस विषय में महिलाओं के प्रति होने वाले अत्याचारों से निजात दिलाने में हरसंभव सहयोग करने की आवश्यकता है।
सादर
रघुवीर प्रसाद मीना
Tuesday, 17 August 2021
सामाजिक तौर पर ईमानदार (Socially Honest) बनने की जरूरत है।
Sunday, 15 August 2021
75 वां स्वतंत्रता दिवस : 15 अगस्त 2021
Thursday, 12 August 2021
व्यक्तित्व : मधुमक्खी की तरह सकारात्मक या मख्खी की भांति नकारात्मक।
Monday, 9 August 2021
9 अगस्त 2021 : अंतरराष्ट्रीय विश्व आदिवासी दिवस
एट्रोसिटीज > 6500 प्रति वर्ष | बीपीएल : ग्रामीण 45.3% श. 24.1% | कोई एसेट नहीं : 37.3% |
खेती की आय के घर : 38% | मैन्युअल कैज़ुअल लेबर : 51.36% | भूमिहीन घर : 35.62% |
सरकरी सेवा से आय वाले घर : 4.38% | घर में सबसे ज्यादा कमाने वाले की आय रु. 5000 से कम : 86.57% | सिंचित भूमि वाले घर : 18.10% |
साक्षरता दर : पु. 68.5% म. 49.4% | ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो : एलीमेंट्री (6 से 13 वर्ष) : 103.3 उच्च शिक्षा : 15.4 | ड्रॉप आउट दर : कक्षा 1 से 10 तक : 62.4% |
घर : अच्छे 40.6%, रहने योग्य 53% व ख़राब 6.4% | पीने का पानी : नल, केवल 24.4 घरों में, घरों के बाहर 47.7 %, दूर 33.6% | बिजली : 51.7% घरों में |
नाहने की सुविधा : 31% | ड्रेन कनेक्टिविटी : 23% | शौचालय : 23% |
किचन : 53.7% | खाने पकाने के लिए गैस : 9 % | स्कूटर/मो.साईकल : 9% |
कार : 1.6% | साईकल : 36.4% | रेडियो/ट्रांजिस्टर : 14.2% |
टेलीफोन : 34.8% | टेलीविज़न : 21.9% | कंप्यूटर/लैपटॉप : 5.2% |
खून की कमी महिलाएं : 59.8% | शिशु मृत्यु दर : 44.4 | 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर : 57.2 |
5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की कुपोषण की स्थिति : 43.8% रुकी हुई वृद्धि, कमज़ोर 27.4%, कम वज़न 45.3% | ||
जीवन प्रत्याशा (लाइफ एक्सपेक्टेंसी) : इंडिजेनस लोगों की जीवन प्रत्याशा दुनिया भर में गैर-स्वदेशी लोगों की जीवन प्रत्याशा की तुलना में 20 वर्ष कम है। | ||
कमज़ोर स्वास्थ्य सेवाएं : आदिवासी क्षेत्रों में अस्पताल, डॉ, नर्स व स्टॉफ और उपकरणों की भारी कमी और भयंकर अनुशासनहीनता। | ||





