Tuesday, 11 August 2020

The Indian Removal Act 1830 : Sufferings of Red Indians in America.



rpmwu380 dt. 11.08.2020

अमेरिका में इंडिजिनस लोगों के साथ भयंकर अत्याचार हुआ। भली-भांति एवं अच्छी तरह से सेटल्ड 5 आदिवासी समुदायों को मिसिसिपी नदी के पश्चिम में जबरदस्ती डंडे व बंदूक की नोक पर डिस्प्लेस कर दिया गया। ऐसी परिस्थितियों में आदिवासियों को बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा, ठंड व बीमारी की वजह से बहुत सारे आदिवासी मारे गए थे। उनके संसाधनों को लूटा और उन्हें ऐसी जगह जाने को मजबूर कर दिया जहां पर संसाधन नहीं थे अथवा रहने में भयंकर परेशानी थी। एक कानून बनाकर इस प्रकार का अत्याचार करना घोर निंदनीय है।

इस वीडियो लिंक को अवश्य देखें और समझे कि किस प्रकार से इंडियन कहे जाने वाले अमेरिकी आदिवासियों के साथ बाहर से आने वाले लोगों ने कितना अत्याचार किया।

हमारे देश में भी यदि देखा जाए तो पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में जहां सबसे उपजाऊ भूमि है वहां पर आदिवासियों की संख्या लगभग नगण्य होना यह सिद्ध करता है कि उपजाऊ भूमि से आदिवासियों को जंगलों की ओर धकेला गया।

आवश्यकता है कि हम भूतकाल से सबक लें कि ऐसा अत्याचार आखिर क्यों हो पाया? उसका एक कारण यह रहा होगा कि इंडिजिनस लोग जहां भी रहते थे वे बाहर से आने वाले लोगों की तुलना में कम चालाक थे व तकनीकी में पीछे थे।  ऐसा आखिर क्यों हुआ? इस विषय में अपने विचार अवश्य व्यक्त करें?

सादर
Raghuveer Prasad Meena

Sunday, 26 July 2020

Care of public property is far more greater responsibility than your private property

rpmwu379 dt. 26.07.2020

Care of public property is far more greater responsibility than your private property, see the video and understand.

https://youtu.be/3lKeSezDfx8


Regards
Raghuveer Prasad Meena

Leader to take responsibilty of failures and give credit of success to team.

rpmwu378 dt 26.07.2020

See the video and realize the role of a leader in an organization.

https://youtu.be/9QETsSfiHrk

Regards
Raghuveer Prasad Meena

कै काम करें? समझने व अपनी आदतें सुधारने के लिए अवश्य देखें।

rpmwu377 dt. 26.07.2020

घर की महिलाऐं घर में कितना काम करती है, समझने के लिए लिंक को क्लिक करके वीडियो ज़रूर देखें। हमें हमारी आदतें, वास्तव में बदलनी ही चाहिए।  

 https://youtu.be/8ygBQM0l99g

माँ बाप के प्रति जिम्मेदारी समझे।

rpmwu376 dt. 26.07.2020

माँ बाप के प्रति जिम्मेदारी समझने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करके वीडियो को देखें। 

जो लोग घर में बच्चों का सम्मान नहीं करते है तो उनके बच्चों को बाहर वाले क्यों पुछेंगे?


rpmwu375 dt 26.07.2020
यह बात एकदम सही है कि जिन घरों में घरवाले ही बच्चों का सम्मान नहीं करते है तो उनके बच्चों को बाहर वाले क्यों पुछेंगे? यह बात परेशानियों के लिए भी उतनी ही सटीक है। जब प्रभावित लोग ही ज्यादा परवाह नहीं करते है तो दूसरे परवाह क्यों करेंगे? पाँचना डैम के कमांड एरिया की नहरें पिछले 14 वर्षों से बंद है परन्तु क्षेत्र के जागरूक नागरिक व नेता जब परवाह नहीं करते रहे है तो दूसरों को क्यों ज्यादा फ़र्क पड़ेगा? नहरों के 14 वर्षों तक बंद रहने में क्षेत्रीय जागरूक समझे जाने वाले नागरिकों व नेताओं के द्वारा मुद्दे को मन से नहीं उठाना भी एक कारण रहा है।

अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर अपने क्षेत्र की परेशानियों पर ध्यान दें। यदि समस्याओं के समाधान में दूसरों की मदद चाहते है तो हमें स्वमं को तो उन पर ध्यान देना ही होगा। आओ मिलकर समझे और समझाएं, जनजागृति लाएं एवं क्षेत्र के किसानों को परेशानियों से मुक्ति दिलाएं।

सादर 
रघुवीर प्रसाद मीना 

Saturday, 25 July 2020

एक बार की गलती से बच सकते है, परन्तु बार बार करने पर फंसेंगे ही।


rpmwu374 dt. 25.07.2020
यदि कोई व्यक्ति पानी में एक बार कूद जाए और बाहर आ जाए तो वह डूबेगा नहीं। परंतु यदि वह बाहर ही नहीं आए और वहीं ठहर जाए तो डूबेगा ही। 

यह बात गलत काम करने वालों पर बहुत सटीक तरीके से लागू होती है। यदि किसी व्यक्ति से जाने-अनजाने में कोई गलत काम हो गया हो परन्तु वह उसकी पुनरावृत्ति नहीं करता है तो वह बच सकता है। परंतु यदि कोई व्यक्ति बारंबार गलत कार्य करता रहे अर्थात वह वहां ठहर ही जाये तो उसके बचने की संभावना नगण्य होती है, वह डूबेगा ही। अतः जाने अनजाने में यदि किसी व्यक्ति से कभी कोई गलत कार्य हो जाए तो उसे उसकी पुनरावृत्ति नहीं करनी चाहिए अन्यथा गलत काम के गलत नतीजे मिलने से कोई रोक सकता है। एक बार यदि गलती हो गई हो तो उससे सबक लेकर कदापि पुनरावृत्ति नहीं करें। 

सादर 
रघुवीर प्रसाद मीना 

बुद्धिमान व्यक्ति, यदि गलत करने लग जाये तो स्वयं का ही सबसे अधिक नुकसान करते है।



 rpmwu373 dt.25.07.2020
एक बार अमेरिका में एक बहुत ही जबरदस्त पेंटर ने पेंट करके नकली डॉलर बनाना शुरू कर दिया और वह कई दिनों तक इस प्रकार करता रहा। एक दिन वह सब्जी मंडी गया और सब्जी बेचने वाले को उसने सब्जी के बदले नकली डॉलर दिए। सब्जी वाले के हाथ गीले थे तो उसने देखा कि डॉलर से पेंट निकल रहा है जबकि दिखने में वे डॉलर हूबहू एकदम असली जैसे लग रहे थे। डॉलर से जब पेंट निकलने लगा तो सब्जी वाले को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है और उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आकर देखा और जाँच के उपरांत पाया कि जो डॉलर सब्जी वाले को दिए गए थे वे नकली थे। उसके पश्चात जिस व्यक्ति ने नकली डॉलर दिए थे उससे पुलिस ने बात की और उसको अरेस्ट कर लिया। पूछताछ में उस व्यक्ति से पूछा कि तुमने किस किस को कितना कितना ठगा है। उसने कई लोगों का नाम व कई घटनाएं बताई।  

पुलिस ने फिर पूछा कि तुमने सबसे अधिक किस को नुकसान किया? उस व्यक्ति ने जो जवाब दिया वह सुनने व सबक लेने लायक है - 

उस व्यक्ति ने कहा कि मैंने सबसे ज्यादा नुकसान स्वयं को ही किया है। मैं इतना अच्छा पेंटर होते हुए इस गलत कार्य में फंस गया, यदि ऐसा नहीं करता तो मैं अच्छी अच्छी पेंटिंग बनाकर ईमानदारी पूर्ण तरीके से उन्हें बेचकर आजीविका कमा सकता था और मुझे मेरे काम पर बहुत गर्व व प्रसन्नता होती कि मैंने एक ईमानदार व सार्थक जीवन जिया है। परंतु मेरा दुर्भाग्य रहा कि मैं बुद्धिमान होते हुए भी गलत कार्य में पड़ गया। 



इस बात से सभी को सीख लेनी चाहिए कि बुद्धिमान आदमी को अपनी बुद्धि गलत एवं असामाजिक कार्यों में नहीं लगानी चाहिए।यदि वास्तव में अच्छा एवं सफलतापूर्वक जीवन जीना चाहते है तो ईमानदार तरीक़े से कुछ खास करके छाप छोड़नी चाहिए।

सादर 
रघुवीर प्रसाद मीना