All the able persons in the world need to make lives of the poor and downtrodden better with human dignity by innovative thinking, planning and execution.शारीरिक रूप से मजबूत को कमजोर की, अधिक बुद्धिमान को कम बुद्धिमान की और धनवान को गरीब की मदद करना ही मानवता है।
Tuesday, 18 April 2017
समाज के पढेलिखे लोग खरे नहीं उतर रहे है भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की अपेक्षाओं पर....
Saturday, 8 April 2017
धार्मिक क्रियाकलापों से एक जाति विशेष के लोगो को ही लाभ होता है। हमें कम से कम लिप्त होने या बिल्कुल दूर रहने की है जरूरत।
09.04.2017
वजन की तरह ईगो व दुर्गणों को भी कम करे।
rpmwu 109
09.04.2017
हम देखते है कि सामान्यतः लोग उनके वजन को तो नियंत्रित रखते है, यदि ज्यादा है तो पूर्ण लगन व मेहनत से कम करने की भरपूर कोशिश करते है परन्तु वे उनकी ईगो व दुर्गुणों के बारे में कोई विचार नहीं करते है। पतले दुबले लोगो की ईगो भी बहुत भयंकर हो सकती है एवं हर तरह के लोगों में दुर्गण हो सकते है।
व्यक्ति को वजन की अपेक्षा ज्यादा ईगो व दुर्गुणों से भारी नुकसान हो सकता है। अतः अच्छे जीवन यापन हेतु वजन के साथ साथ ईगो व दुर्गुणों को कम करने की महति जरूरत है।
रघुवीर प्रसाद मीना
Sunday, 26 March 2017
अच्छा जीवन जीने के लिए आवश्यकता पड़ने पर परिवारजनों, दोस्तों व जानकारों से साहारा मिलने की अनुभूति होना बहुत महत्वपूर्ण होती है। हम स्वमं भी औरों के लिए इसी भावना के पात्र बनें।
rpmwu 109
26.03.17
जीवन में साहारे का बहुत अधिक महत्व होता है इस बात को समझने के लिए मानिये कि आप किसी बहुत ही सकरे (तंग) रास्ते पर जमीन पर चल रहे हैं, हो सकता है आप उस पर दौड़ भी सकते हैं। आपको पता है कि यदि गिरोगे तो जमीन से साहारा मिल जायेगा, ज्यादा चोट नहीं लगेगी। अब यदि वही तंग रास्ता ऊंचाई पर हो और दोनों ओर कोई साहारा नहीं हो तो उस पर चलना मात्र ही बहुत मुश्किल हो जाएगा। यदि ऊँचाई पर स्थित उस तंग रास्ते के दोनों ओर रेलिंग लगा दी जाए तो व्यक्ति बिना रेलिंग को टच किए हुए साहारा होने मात्र की अनुभूति से ही आराम से चल सकता है क्योंकि उसके मन में यह भावना रहती है कि यदि कुछ हुआ तो साहारा तो है। रेलिंग मुझे संभाल लेंगी, गिरने नहीं देगी।
इसी बात को जब हम जीवन के अन्य पहलुओं पर परखते हैं तो लगेगा कि जिन व्यक्तियों के पास परिवार या दोस्तों या जानकार व्यक्तियों से साहारा मिलने की सम्भावना होती है वे सामान्यतः जीवन में डरते नहीं है और उन्नति के लिए रिस्क लेने को तैयार रहते है। दूसरी ओर उन लोगों को देखो जिनके पास परिवार या दोस्त या जानकारों का साहारा नहीं है उन्हें हर कदम पर लगेगा कि कोई गलत नहीं हो जाए, वह डर डर के जीवन यापन कर करेगा।
अतः समझदारी इसी में है कि व्यक्ति अपने परिवार, दोस्तों व जानकार लोगों के साथ अच्छी तरह रहे, उनके यथासंभव काम आये ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे सभी भी उसके काम आये व उसके मन में साहारा मिलने की उम्मीद रहे।
रघुवीर प्रसाद मीना
यदि घर पर समय रहते ध्यान नहीं दिया, दरवाजों पर ताला नहीं लगाया या लंबे समय तक सूना छोडा और नुकसान हो जाये तो दोष किसका है ?
अक्सर इस प्रकार के प्रकरण सामने आते हैं जिनमें व्यक्ति बोलता है कि मेरे साथ गलत हो गया, मुझे भारी नुकसान कर दिया गया है इत्यादि इत्यादि। गहराई में जाने पर पता चलता है कि कई बार व्यक्ति स्वयं ही पहले तो चीजों पर ध्यान नहीं देता है, लापरवाही बरतता है या उन्हें सही ढंग से हैंडल नहीं करता है और जब परिस्थितियां विपरीत हो जाती है एवम नुकसान हो जाता है तो वह स्वयं के बजाय दूसरों पर दोष मढ़ता रह जाता है और हो चुके नुकसान की भरपाई नहीं हो पाती है।
Saturday, 25 March 2017
क्वालिटी एवं भगवान राम के वनवास, सीता हरण व रामायण की बाकी समस्त कहानी में सम्बन्ध - रूट काॅज एनालिसिस।
रामायण की समस्त कहानी को गहराई से देखें व सोचे कि आखिरकार सीता हरण से लेकर लंका दहन व अन्य घटनाएं क्यों घटित हुई?
Monday, 19 December 2016
A very very serious and dangerously damaging issue.....requiring urgent attention of everyone. यदि हम समाज का वास्तव में भला करना चाहते है तो गाँवों में फैल रही स्मैक के नशे की लत को रोकने में सभी आवश्यक रूप से अपनी जिम्मेदारी निभाये।
