Wednesday, 19 December 2018

मनुस्मृति हिन्दू धर्म में कलंक है, इसे मिटाया जाये।

rpmwu174
18.12.2018

मनु द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत आजकल सतीप्रथा जैसी क्रूर कुरीति की भांति नजर आते हैं, जिसमें अधिकतर महिलाओं को पति की मृत्यु उपरांत सामाजिक बहिष्कार के डर से या जबरदस्ती पति के साथ चिता में जिंदा जला दिया जाता था। वह जलने के डर से भागने की कोशिश करती थी तो उसे डण्डो से पीट कर बेहोश कर दिया जाता था और वह जल जाती थी।
मनुस्मृति में महिलाओं व शूद्रों को केवल उपयोग की वस्तुओं की तरह माना गया। उनके अधिकारों से उन्हें वंचित रखने हेतु तरह तरह के ढकोसलेपूर्ण व दकियानूसी बातें लिखी गई। ऐसा लगता है कि मनुस्मृति अन्य वर्णों खासकर ब्राह्मणों के कल्याण एवं अधिकारों के लिए स्वार्थपरता से लिखी गई किताब है।
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने 1927 में इस किताब की होली जलाकर समाज को संदेश दिया कि इसमें प्रतिपादित सिद्धांत सामाज के किसी भी व्यक्ति को मान्य नहीं होने चाहिये। यदि कोई व्यक्ति मनुस्मृति के सिद्धांतों को आज भी मानने की कोशिश करता है तो ऐसे हर व्यक्ति का खुले में विरोध करने की आवश्यकता है। मैं तो कहूंगा कि सरकार को इस ग्रंथ कही जाने वाली किताब की बिक्री पर बैन लगा देना चाहिए और जहां भी मनु की प्रतिमाएं लगी है उन्हें उखाड़ फेंकने की जरूरत है ताकि समाज में सामंजस्य व सम्मान की स्थापना हो और ऊंच-नीच का भेद समाप्त हो सके।
कुछ लोग बेवजह आज के ब्राह्मणों से इस मनुस्मृति को लेकर दुर्भावना रखते हैं जबकि इसे लिखने में उनकी कोई गलती नहीं है। अतः ऐसा नहीं करना चाहिए। परन्तु जो भी व्यक्ति चाहे वह ब्राह्मण हो या कोई और, यदि वह मनुस्मृति में प्रतिपादित सिद्धांतों की वकालत करें तो पहले उसे लाॅजिकली समझाएं और यदि नहीं समझे तो उसका बहिष्कार करें।
रघुवीर प्रसाद मीना

Monday, 17 December 2018

जीवन को सार्थक बनाने के लिए स्वामी विवेकानंद के महत्वपूर्ण विचार ।

(12 जनवरी 1863 से 4 जुलाई 1902)
rpmwu171
16.12.2018

स्वामी विवेकानंद विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु थे। उनका जीवन काल केवल 39 वर्ष रहा परन्तु उन्होंने मानवता को जबरदस्त सकारात्मक दिशा दी। 1893 में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म महासभा हुई थी, जिसमें स्वामी विवेकानंद जी ने भाषण दिया। इस भाषण के बाद उन्हें काफी ख्याति मिली थी। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस मिशन की शुरुआत की थी। स्वामी विवेकानंद के कुछ ऐसे विचार, जिनका ध्यान रखने पर आप सफलता हासिल कर सकते हैं.....

1. जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक उसी समय पर उसे करना ही चाहिए, नहीं तो लोगों का आप पर विश्वास उठ जाता है।

2. हम वो हैं, जो हमें हमारी सोच ने बनाया है। इसलिए इस बात का धयान रखें कि आप क्या सोचते हैं। जैसा आप सोचते हैं वैसे बन जाते हैं।

3. जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते, तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते।

4. सत्य को हजार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा।

5. जिस दिन आपके सामने कोई समस्या न आए, आप यकीन कर सकते हैं कि आप गलत रास्ते पर चल रहे हैं।

6. हम जितना ज्यादा बाहर जाए और दूसरों का भला करें, हमारा हृदय उतना ही शुद्ध होगा और परमात्मा उसमें वास करेंगे।

7. भला हम भगवान को खोजने कहां जा सकते हैं, अगर उसे अपने हृदय और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते।

8. आपको अंदर से बाहर की ओर विकसित होना है। कोई तुम्हें पढ़ा नहीं सकता, कोई तुम्हें आध्यात्मिक नहीं बना सकता. तुम्हारी आत्मा के आलावा कोई और गुरु नहीं है।

9. पहले हर अच्छी बात का मजाक बनता है, फिर उसका विरोध होता है और फिर उसे स्वीकार कर लिया जाता है।

10. किसी भी चीज से मत डरो। तुम अद्भुत काम करोगे। यह निर्भयता ही है जो पलभर में परम आनंद लाती है।

सादर 
रघुवीर प्रसाद मीना 

Sunday, 16 December 2018

देश का किसान रील वाले कोडक कैमरा पर चिपका हुआ है, उसे iphoto पर जाने की जरूरत है।

rpmwu170
16.12.2018

देश का किसान रील वाले कोडक कैमरा पर चिपका हुआ है, उसे iphoto पर जाने की जरूरत है।
हम सभी जानते हैं कि पहले रील वाला कोडक कैमरा बहुत अधिक पॉपुलर होता था। उसका बिजनेस करने वाला व्यक्ति आर्थिक रूप से समृद्ध रहता था। परंतु समय के साथ साथ तकनीकी में बदलाव आया और आज iphoto के सामने रील वाले कैमरे लगभग लुप्त हो गए हैं। अब यदि कोई दुकानदार रील वाले कैमरे को बेचने की कोशिश करें तो ऐसे दुकानदारों का क्या होगा? ऐसे दुकानदारों की आर्थिक दशा वास्तव में खराब होती चली जाएगी। ऐसा ही हाल किसान का हो रहा है, किसान साधारण खेती में गेहूं, चना, बाजरा, व सरसों इत्यादि की फसल से ऊपर नहीं उठ पा रहा है जबकि इन फसल को करने में बहुत अधिक लागत आती है और बाजार में उचित दर पर नहीं मिल पाती है।
श्री पिंटू पहाड़ी जैसे तकनीकी रूप से योग्य कृषी वैज्ञानिक व समाज सेवी आए दिन लोगों को कैश क्रोप, सब्जियां व फल के बागान इत्यादि लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। आवश्यकता है किसान को साधारण खेती से अलग हटकर नई तकनीकी की खेती बाड़ी या बागान इत्यादि शुरू किये जाए ताकि उनकी आर्थिक दशा मजबूत हो सके। जो लोग गांव में रहते हैं और कृषि करते हैं उन्हें चाहिए कि वे अपने अपने गांव में नई तकनीक से खेती करने के उदाहरण प्रस्तुत करें ताकि और लोग उन्हें देखकर iphoto की तर्ज पर कम लागत में उन्नत खेती की शुरुआत कर सके व अपनी आर्थिक स्थिति को सुधार कर सके।
reel वाला kodak camera - - - - - > iphoto
साधारण खेती छोड़कर - - - - - > नई तकनीक से कैश क्रोप व बागान।
सोच बदल कर नई सोच को क्रियान्वित करें।
रघुवीर प्रसाद मीना

Theory of only 5 handshakes away!

rpmwu169
15.12.2018

Theory of only 5 handshakes away!
दुनिया का हर व्यक्ति बड़े से बड़े दूसरे व्यक्ति से केवल 5 हाथ की दूरी पर है। उदाहरण के तौर पर यदि गांव के साधारण व्यक्ति के नजरिए से देखें तो वह सरपंच को जानता है, सरपंच एमएलए को जानता है, एमएलए एमपी को जानता है, एमपी देश के प्रधानमंत्री को जानता है और हमारे देश के प्रधानमंत्री अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जानते है।
गांव का साधारण व्यक्तिसरपंचएमएलएएमपीप्रधानमंत्रीअमेरिका के राष्ट्रपति।
इस प्रकार गांव के साधारण आदमी से डोनाल्ड ट्रंप केवल पांच हाथ दूर है। हम सभी को यह समझना चाहिए कि यदि आप किसी व्यक्ति से कार्य करना चाहते हैं तो पहले देखो कि किसके माध्यम से उस तक पहुंचा जा सकता है, कौन अच्छा माध्यम है जिसके द्वारा अपनी बात पहुंच सकती है?
इस कड़ी में सबसे महत्वपूर्ण वह प्रथम व्यक्ति है जिससे आपके सीधे संबंध है। सीधे संबंध बहुत प्रगाढ़ होने चाहिए, यदि आप समर्पित व निष्ठावान है और दूसरों के काम आते हैं तो दूसरा व्यक्ति भी आपके जरूर काम आयेगा।
रघुवीर प्रसाद मीना

जयपाल सिंह मुण्डा - जाने व याद करें व प्रेरणा ले।

rpmwu168
15.12.2018

श्रीमान जयपाल सिंह मुंडा 
(3 जनवरी 1903 – 20 मार्च 1970)

श्री जयपाल सिंह मुंडा देश के आदिवासियों और झारखंड में हुए विभिन्न आदिवासी आंदोलनों के एक सर्वोच्च नेता थे।  जयपाल सिंह मुंडा पढ़ने में बहुत इंटेलिजेंट थे, वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने वाले प्रथम आदिवासी थे। 1928 में हॉकी के विश्व कप जिसमें भारत विजेता हुआ की टीम के कप्तान थे।

वे एक जाने माने व्यक्तिव, पत्रकार, लेखक, संपादक, शिक्षाविद् और 1925 में ‘ऑक्सफोर्ड ब्लू’ का खिताब पाने वाले हॉकी के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी थे।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि श्री जयपाल सिंह मुंडा कंस्टीट्यूएंट असेंबली के सदस्य थे, जिन्होंने संविधान के निर्माण के समय आदिवासियों के हित के संबंध में जरूरी पक्ष रखें और आदिवासियों को संविधान में जो अधिकार मिले हुए हैं उसमें श्री जयपाल सिंह मुंडा का बेहद बड़ा व जोरदार योगदान रहा है।

20 मार्च, पुण्यतिथि के अवसर पर श्रीमान जयपाल सिंह मुंडा को शत शत नमन और हम सभी विनिश्चय करें कि अपने अपने क्षेत्र में जोरदार उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करें । 

#जोहार 

Saturday, 15 December 2018

प्रताप नगर, जयपुर में बनाये जा रहे बालिका छात्रावास की शुरुआत।

rpmwu167
15.12.2018

प्रताप नगर, जयपुर में बनाए जा रहे बालिका छात्रावास के प्रेरणा स्रोत व छात्रावास की शुरुआत ।
प्रताप नगर, जयपुर में बनाया जा रहे है बालिका छात्रावास के प्रेरणा स्रोत श्री लक्ष्मण मीना जी, एमएलए-बस्सी का छात्रावास की परिसर  रेलवे के कर्मठ सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ स्वागत किया गया। श्री लक्ष्मण जी ने चर्चा के दौरान बताया कि इस बालिका छात्रावास का संचालन जनवरी 2019 से प्रारंभ करने हेतु योजना बनाई जा रही है।
श्री लक्ष्मण जी बस्सी विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर 42764 मतों से एमएलए का चुनाव जीते हैं। उन्हें सभी समाजों की ओर से अच्छे वोट मिले हैं। उनके अच्छे व्यवहार व सेवाभाव के कारण बस्सी के सभी समाजों के मतदाताओं ने अंजू धानका के स्थान पर श्री लक्ष्मण जी को भारी मतों से चुनाव जिताया है।
श्री लक्ष्मण जी वास्तव में एक समर्पित समाजसेवी है जिन्होंने कोटा में प्रथम बालिका छात्रावास, फिर दौसा में बच्चों के छात्रावास और अब प्रताप नगर, जयपुर में तीसरा छात्रावास (बालिका) बनवाने में समाज को बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
हम श्री लक्ष्मण मीना जी जैसे समाजसेवक एवं योग्य राजनेता के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं करते हैं।
आदिवासी रेल परिवार।

Tuesday, 11 December 2018

किसानों की व्यथा।

rpmwu165
10.12.2018

किसान व अंतिम उपभोक्ता एक नज़र में -
मरता मैं भी हूँ और मरते तुम भी हो।
मैं सस्ता बेच के मरता हूं और
तुम महंगा खरीद के मरते हो।
केवल मिडिलमेन ही मार रहा हम दोनों को।
सरकार जो रक्षक है वह बनी हुई है तमाशबीन।
संलग्न लेख में किसानों की दशा को जोरदार तरीके से बताया गया है। किसानों का उत्पाद बहुत ही कम दाम पर बिकता है और खरीद करने वाले अंतिम उपभोक्ता बहुत ऊंचे दाम पर चीजों को खरीदते हैं। मिडिलमेन जो कि किसानों व अंतिम उपभोक्ताओं की तुलना में बहुत ही कम संख्या हैं, वे बहुत अधिक मार्जिन की बचत करते हैं। जो कि किसान व उपभोक्ता दोनों को ही मारता हैं। उदाहरणार्थ यदि किसान टमाटर ₹2 किलो बेचता है तो उपभोक्ता के पास वह ₹20 किलो तक पहुंचता है। सरकार को चाहिए कि वह इस भयावह मार्जिन को कम करने का उपाय करें ताकि किसान को फसल बेचने से ₹10 मिले और उपभोक्ता को सामग्री ₹12 में मिले। दोनों को ही ₹8 का लाभ मिल सके।
किसान व उपभोक्ताओं की वेदना को कम करने के निम्न उपाय हो सकते हैं -
1. आवश्यकता है उपभोक्ता व किसान का अधिक से अधिक डायरेक्ट कनेक्शन हो व मिडिलमेन का रोल कम हो जाए।
2. फसल सीजन के हिसाब से पैदा होती है। जब पैदा होती है तो एक साथ भारी वोल्यूम में पैदा होती है जिसका एक साथ कन्जम्पशन (उपभोग) होना संभव नहीं है। अतः स्टोरेज के संसाधनों का विकास करना होगा।
3.  प्रोसेसिंग यूनिटस् फसल के पैदा होने की जगह के आसपास लगाई जाएँ ताकि किसान उनके उत्पाद को उचित दर पर सीधा प्रोसेसिंग यूनिटस् में भेज सकें और तैयार की गई वस्तु भी कम लागत में तैयार हो जाये और उपभोक्ताओं को भी सही दाम पर मिल सके।
4. फसल हेतु उर्वरक व कीटनाशक दवाइयां सही दाम एवं समय पर उपलब्ध हो और उनकी ब्लैक मार्केटिंग नहीं हो।
5. फसल पैदा करने के लिए जो पानी चाहिये उसकी उपलब्धता आसानी से होनी चाहिए। उसके लिए फॉर्म पोन्डस् या पानी बचाने की तकनीकी संसाधन किसान को कम दाम पर मुहैया कराये जाएं।
6. बिजली या डीजल की दरें न्यूनतम होनी चाहिए।
7. किसानों को भी चाहिए कि वे उनकी स्किल को डेवलप करें और नई तकनीकी का उपयोग कर कृषि कार्य करें ताकि कम लागत में अधिक पैदावार हो सके।
8.  सरकार को भी चाहिए कि जो लोग अच्छा पैदा कर रहे हैं उन्हें सम्मान व पहचान दें ताकि दूसरे किसान प्रोत्साहित हो सके।
9. सरकार को उन संस्थाओं एवं सिस्टम्स को प्रोत्साहित करना चाहिए जिनमें मिडल में का मार्जिन कम रहता है और किसानों फसल का सही दाम मिले व अंतिम उपभोक्ताओं को भी सही दाम पर चीजें मिले।
10. श्री पिंटू पहाड़ी व अन्य समझदार व्यक्ति इस विषय पर अक्सर लगातार लोगों को अवगत कराते रहते हैं, उनकी जानकारी का लाभ उठाएं। उनसे सीख कर एफिशिएंट तरीके से खेती करें।
रघुवीर प्रसाद मीना

Friday, 7 December 2018

वोट - वोटिंग मशीन के बटन मैं दबे अनेकों प्रश्नों का उत्तर है।

rpmwu164
06.12.2018

आज चुनाव में मतदान बहुत सोच समझकर करने की जरूरत है। पहले के दिनों में विधानसभा क्षेत्रों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पोस्टिंग सरकार करती थी, नेता केवल खराब कर्मियों को हटवाने के लिए कार्रवाई करते थे। परंतु आजकल देखा जा रहा है कि एसडीएम, तहसीलदार, डीएसपी, थानेदार, अस्पतालों में डॉक्टर, स्कूलों में प्रिंसिपल, पटवारी व अन्य अधिकारी और कर्मचारियों की पोस्टिंग एमएलए के कहने से होती है। अत:आज अच्छे एमएलए का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण हो गया है।
विगत दिनों में गंगापुर सिटी में 2 अप्रैल को बेकसूर छात्रों के साथ पुलिस द्वारा जो अत्याचार किया गया उसका एकमात्र कारण एमएलए द्वारा दिये गये अनावश्यक निर्देश व पोस्ट करवाये गए पुलिस के अधिकारी व कर्मचारियों ने स्वयं को सरकार के कर्मचारी नहीं मानकर उस एमएलए के कर्मचारी मानना था।
हर समझदार मतदाता को चाहिए कि वे चुनाव में वोट देते समय उस बटन के नीचे समाहित अनेकों प्रश्नों के उत्तर को समझते हुए अच्छे व योग्य उम्मीदवार को वोट दे।